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शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती

“वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों को नहीं मार सकते। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को कुचलने में सक्षम नहीं होंगे।”  यह बात शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सच हो रहे है। आज भगत सिंह हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके विचार आज हर भारतीय की जुबां पर है। देश का हर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को उनकी जयंती पर याद कल रहा है। सोशल मीडिया हो या फिर भगत की पूज्य जन्मभूमि हर जगह देश के इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी जा रहीं है।  शहीद-ए-आजम भगत सिंह भारत के एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी विचारधारा और उग्र वामपंथी व्यक्तित्व वाले महान देशभक्त थे। साथ ही भगतसिंह एक महान कवि, विचारक, लेखक तथा दूरदृष्टा भी थे जिन्होंने हसरत मोहानी के नारे  ‘इंकलाब जिन्दाबाद’  को सच कर दिखाया। देखा जाए तो इस अमर शहीद के बारे में हमारी यह धारणा ब्रिटिश रिकार्ड के आधार पर बनी जिसे हमने अपने स्वतंत्र विचारों से परखने का प्रयास नहीं किया। भगत सिंह ने 23 वर्ष और कुछ महीनों का छोटा लेकिन यादगार जीवन जिया, और इतनी कम आयु में उन्होंने वैचारिक परिपक्वता और लक्ष्य के प्रति जो दृढ़ता हा...

13 या 14 अक्टूबर किस दिन रखा जाएगा करवा चौथ का व्रत, जानें क्या है इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त, करवा चौथ पर कुछ नियम अपनाकर मिलेगा इस बार अखंड सौभाग्य का वरदान।

करवाचौथ व्रत का इंतजार हर सुहागिन महिला को रहता है। करवाचौथ का व्रत सुहागिन औरतें अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। हर साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष के दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। कहावत है जो महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं उन पर भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा बना रहती है। करवा चौथ का सही 'समय' और 'तारीख' इस साल करवाचौथ का व्रत कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 13 अक्टूबर को रात्रि 1 बजकर 59 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन 14 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगा। क्योंकि करवाचौथ की तिथि 13 अक्टूबर को उदया तिथि से शुरू होगी इसलिए व्रत 13 अक्टूबर को ही रखा जाएगा। करवा चौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त करवा चौथ की पूजा के लिए कुछ खास मुहूर्त भी हैं जिसमें पूजा करना विशेष फलदायी होगा। करवा चौथ पर अमृत काल शाम 04 बजकर 08 मिनट से शाम 05 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 21 मिनट से दोपहर 12 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। कैसे करें इस बार पूजा? व्रत के दिन सुबह उठकर, तैयार होकर भगवान के आगे खड़े होकर निर्जला व्रत का संकल्प करें। शा...

उत्तराखंड- देहरादून में आफत की बारिश, लोगों को मुसीबतों का करना पड़ा सामना, देखिए कैसे सड़क तालाब बन गई।

राजधानी देहरादून में आफत की बारिश देखने को मिली। देहरादून और आसपास के इलाकों में बुधवार देर शाम तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह से अस्त व्यस्त हो गया। वहीं, राजधानी की सड़कों के साथ ही चौराहों पर जबरदस्त जलभराव से शहरियों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान कई जगह जाम की भी स्थिति बनी रही। उधर, शाम से फिर मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया। हालांकि इस बारिश ने देहरादून की सडकों की पोल खोल दी है।   बता दें चौराहों पर जलभराव होने और कई गाड़ियों के बंद होने से बहल चौक, लैंसडौन चौक, शिमला बाईपास, महाराजा अग्रसेन चौक, दर्शनलाल चौक, दिलाराम चौक, आईएसबीटी तिराहा समेत कई चौराहों पर शहरियों को आने-जाने में भारी दिककतों का सामना करना पड़ा। मूसलाधार बारिश का दौर दो घंटे बाद थमा और जल निकासी होने के बाद यातायात बहाल हुआ तब लोगों ने राहत की सांस ली। बारिश के दौरान कई चौराहों पर तैनात पुलिसकर्मी यातायात बहाल कराने को लेकर जूझते नजर आए। मूसलाधार बारिश के चलते बसंत विहार, शिमला बाईपास, कारगी चौक, चकराता रोड, किशननगर, निरंजनुपर सब्जी मंडी, मेंह...

कांग्रेस के गठन से लेकर अब तक पार्टी को कितने अध्यक्ष मिले? इनमें से कितने नेहरु-गांधी परिवार से थे? कितने गैर नेहरू-गांधी पार्टी के अध्यक्ष रहे? इस बार होने वाले चुनाव में किसकी दावेदारी मजबूत है? #कांग्रेस

कांग्रेस में जारी उठापठक के बीच पार्टी हाईकमान ने अध्यक्ष पद के चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। 17 अक्तूबर को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। 19 अक्तूबर को नतीजा आएगा।  चुनाव के लिए 22 सितंबर को अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 24 सितंबर से 30 सितंबर तक इसके लिए नामांकन दाखिल किया जा सकेगा। अगर सबकुछ तय कार्यक्रम के तहत हुआ तो 19 अक्तूबर को कांग्रेस का अगला अध्यक्ष मिल जाएगा।  क्या फिर से पार्टी की कमान गांधी परिवार के पास जाएगी या सोनिया-राहुल अपने किसी करीबी को ये जिम्मेदारी सौंपेंगे? कांग्रेस के गठन से लेकर अब तक पार्टी को कितने अध्यक्ष मिले? इनमें से कितने नेहरु-गांधी परिवार से थे? कितने गैर नेहरू-गांधी पार्टी के अध्यक्ष रहे? इस बार होने वाले चुनाव में किसकी दावेदारी मजबूत है?  गांधी परिवार से बाहर किसकी उम्मीदवारी मजबूत?  1. अशोक गहलोत - गांधी परिवार के करीबी हैं। गहलोत को अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस एक तीर से दो निशाने लगा सकती है। गहलोत नाराज न हों, इसलिए उन्हें पार्टी की सबसे बड़ी पोस्ट मिल जाएगी और राजस्थान हाथ से न जाए इसके लिए सचिन पायलट को मुख्य...

किसके सिर पर सजेगा कांग्रेस अध्यक्ष पद का ताज अशोक गहलोत या फिर शशि थरूर? देखिए कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन है शामिल।

कौन होगा कांग्रेस का अगला अध्यक्ष? यह सवाल अब सुर्खियां बटोर रहा है। क्योंकि कांग्रेस आलाकमान ने फैसला कर लिया है कि इस बार कांग्रेस अध्यक्ष गैर गांधी होगा। ऐसे में अब कांग्रेस खेमें में हलचल शुरू हो गई है। किसके सिर सजेगा अध्यक्ष का ताज? किसको मिलेगा वफादारी का ईनाम किसको मिलेगी गद्दारी की सज़ा? कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ती जा रही है। अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वो राहुल गांधी को बनाने के लिए आलाकमान से बात करेंगे, साथ ही राहुल को भी मनाएंगे। गहलोत के मुताबिक राहुल नहीं माने तो वे खुद भी नामांकन भरेंगे। वहीं  राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोई भी व्यक्ति दो पदों पर नहीं रह सकता है। उनका इशारा सीएम अशोक गहलोत की ओर था। सीएम गहलोत का नाम कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में चल रहा है। उन्होंने कहा है कि अगर राहुल गांधी नामांकन के लिए तैयार नहीं होते हैं तो वह (गहलोत) अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उ...

जो करेंगे देश का नाम रोशन, उन्हें परोसा गया था टॉयलेट में खाना, खेल अधिकारी अनिमेष सक्सेना सस्पेंड।

जो खिलाड़ी देश का नाम रोशन करते है। जो विश्व में भारत का परचम लहराते है। उन्हीं खिलाड़ियों को बाथरूम में रखा खाना दिया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठता है आखिर देश के भविष्य के साथ ऐसा बर्ताव क्यों? पूरा मामला सहारनपुर के अंबेडकर स्पोर्ट स्टेडियम का था, जहां एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में राज्य कबड्डी प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने सहारनपुर आईं महिला खिलाड़ियों के लिए बनाया गया खाना स्टेडियम के टॉयलेट में रखा हुआ दिख रहा था और खिलाड़ी वहां से खाना ले जाती भी दिख रही थी। वीडियो में आप साफ देख सकते है। खिलाड़ियों का खाना कहां रखा गया है और कहां खिलाड़ियों को परोसा जा रहा है।   सहारनपुर में कबड्डी की महिला खिलाड़ियों को टॉयलेट में रखे खाने को परोसने के मामले में शासन की तरफ से बड़ी कार्रवाई करते हुए खेल अधिकारी अनिमेष सक्सेना को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही जिलाधिकारी ने पूरे प्रकरण में एक जांच टीम भी गठित कर दी है, जो मामले की पूरी रिपोर्ट सौंपेगी। मंगलवार को जांच टीम ने स्टेडियम में पहुंचकर वायरल वीडियो की सच्चाई की जांच भी की। पूरा मामला सहारनपु...

अगर घर में लगी है पितरों की तस्वीर तो जाए सावधान, कुछ जरूरी बातों का रखें ध्यान, नहीं भुगतने पड़ सकते है गंभीर परिणाम।

पितृ पक्ष चल रहे है। इस दौरान लोग श्राद्ध कर्म और तर्पण कर पितरों को प्रसन्न करते हैं। वहीं, पितृ दोष से भी मु्क्ति पाने के लिए विभिन्न उपाय किए जाते हैं। हिंदू मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान पितर धरती पर आते हैं. ऐसे में कुछ भी ऐसा काम न करें, जिसकी वजह से पितर नाराज हो जाएं। घर में पितरों को याद करने के लिए लोग उनकी तस्वीरें लगाते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि पितरों की तस्वीरों को लगाने के भी कुछ नियम हैं।    पितरों के सम्मान में कई लोग अपने पितरों की तस्वीरों को पूजा वाले स्थान या मंदिर में रखते या लगाते हैं। इससे लोगों को दिक्कत हो सकती है। भगवान और पितरों की तस्वीरों को हमेशा अलग-अलग रखना चाहिए। साथ ही यह भी ध्यान रहे कि पूजा स्थल से भी पितरों की तस्वीरें दूर रखी हों।    दीवार पर न टांगे पितरों की फोटो  पितरों की याद में लोग उनकी तस्वीरों को दीवारों पर लगाते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार ऐसा करना सही नहीं माना जाता है। पितरों की फोटो या तस्वीरों को कभी दीवार पर नहीं लगाना चाहिए। इसे हमेश लकड़ी के स्टैंड पर रखे। वरना पितरो...

PM Modi Birthday Special- क्या जानते हैं पीएम मोदी के विदेशों में ही नहीं बल्कि विपक्ष में भी अच्छे दोस्त है, 'राष्ट्रवाद' और 'विकास' के नारे साथ नरेंद्र मोदी आज सत्ता के शिखर पर है।

'राष्ट्रवाद' और 'विकास' के नारे के साथ अपने करिश्माई व्यक्तित्व से भगवा परचम लहराने वाले नरेन्द्र मोदी भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व के रूप में उभरे हैं, जो पं. जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के बाद पूर्ण बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सत्ता के शिखर पर पहुंचने वाले तीसरे प्रधानमंत्री हैं।   नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने उत्तर और पश्चिमी भारत में जीत का ऐसा ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया जिसे आने वाले समय में तोड़ पाना मुश्किल है। लोकसभा चुनाव 2014 की तरह 2019 में भी एनडीए ने नरेन्द्र मोदी के चेहरे पर चुनाव लड़ा और इसी साल 2014 से भी ज्यादा सीटें आईं। मोदी ने वाराणसी सीट से दोबारा चुनाव लड़ते हुए 4 लाख 79 हजार 505 मतों के अंतर से जीत हासिल की। बीजेपी ने 303 सीटें जीतकर अपने पिछले रिकॉर्ड 282 को ही तोड़ दिया। भाजपा नीत एनडीए गठबंधन ने 352 सीटें जीतीं।  नरेन्द्र मोदी ने इस बार के अपने कार्यकाल के लिए पहले वाले नारे में 'सबका विश्वास' जोड़ दिया है। अब बीजेपी नीत एनडीए का नारा है- 'सबका साथ, सबका विश्वास और सबका विकास।  विपक्ष में भी हैं मोदी के दोस्त  पीएम मो...

पितरों को तृप्त करने का आसान तरीका, पितृपक्ष में करें यह आसान उपाय पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति।

पितृपक्ष 2022- पितृपक्ष चल रहे है। अपने घर के देवताओं को तृप्त करने के लिए हम उनका श्राद्ध करते हैं। लेकिन कई बार ऐसी स्थिति हमारे आ जाती है जब पितृजन का श्राद्ध नहीं कर पाते है। साथ ही कई बार हम जानें अनजाने अपने पितृ दोषों को इग्नोर कर देते है। कहा जाता है जो संसार त्यागकर चले गए है उनका ऋण चुकाने के लिए हमे श्राद्ध पक्ष में श्राद्ध जरूर करना चाहिए। चाहे कोई भी हो नाना-नानी, दादा-दादी या फिर माता-पिता अलग-अलग दिन अलग-अलग तिथियों पर सभी के निमित श्राद्ध में धूप-दान, तर्पण, पिंड दान, ब्राह्मण, भोज करवाकर पितरों की तृप्ति की जाती है... लेकिन अगर आप भी किसी कारणवश श्राद्ध नहीं करा पा रहे है, पितृ दोष की शांति नहीं करा पा रहे है तो एक और आसान-सा तरीका है जिससे आप अपने पितृ दोष से मुक्त हो सकते है। गीता के पाठ से मिलेगी पितृ दोष से मुक्ति दरअसल भगवद गीता पितृ दोष से मुक्ति पाने का वो रास्ता है जिसे हर कोई नहीं जानता है। जी हां गीता के पाठ से भी पितृ दोष से मुक्ति पाई जा सकती है। गीता में लिखा है क्रोध से भ्रम पैदा होता है, भ्रम से बुद्धि, व्यग्र होती है जब बुद्धि व्यग्र होती...

PM Modi Birthday Special- प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी का डंका देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बजा है, आखिर क्यों पीएम मोदी का अंदाज सबसे अलग है।

नरेंद्र मोदी न सिर्फ अपने काम से बल्कि अपने अनोखे अंदाज से भी सभी का दिल जीत लेते हैं। वे जहां जाते हैं वहां की भाषा, संस्कृति को अपनाने का प्रयास करते हैं। वे अपने पहनावे से भी चर्चाओं में रहते हैं। मोदी के जन्मदिन पर जानिए पीएम मोदी के अनोखे अंदाज की कहानी azad Parinda tv की जुबानी... मंदिरों में आराधना देश में हो या विदेश में, पीएम मोदी को अक्सर मंदिरों में पूजा-पाठ करते देखा जा सकता है। वीर जवानों के साथ त्योहार की खुशी  पीएम बनने के बाद से ही मोदी अकसर सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों के साथ दिवाली मनाना पसंद करते हैं। जवानों के बीच वे सैन्य वस्त्रों में दिखाई देते हैं। लोगों का दिल जीत लेता है अंदाज पीएम मोदी जैसा देश वैसा भेष में भरोसा रखते हैं। इस तरह से वे वहां के लोगों से सीधे जुड़ जाते हैं। उनका यह अंदाज सभी का दिल जीत लेता है। मोर के साथ पीएम मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रकृति प्रेम किसी से छुपा नहीं है। मोर को दाना खिलाने का वीडियो उन्होंने 23 अगस्त 2020 को इंस्टाग्राम पर शेयर किया था। वीडियो में नजर आ रहा मोर प्रधानमंत्री आवास पर ही रहता है और कई ...

PM MODI BIRTHDAY SPECIAL- बदलते वक्त के साथ पीएम मोदी का कद भी बड़ा है, लेकिन एक वक्त यह सब आसान नहीं था क्योंकि पीएम नरेंद्र मोदी के अपने ही उनकी राह में रोड़ा बन गए थे।

सख्त प्रशासक, दमदार व्यक्तित्व, गंभीर नेता, आत्मविश्वासी लीडर और शानदार वक्ता वो है देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी... 17 सितंबर पीएम मोदी के लिए बेहद खास दिन है क्योंकि यह वहीं दिन है जब पीएम मोदी इस दुनिया में आए थे। 17 सितंबर 1950 को पीएम मोदी ने गुजरात के वडनगर के गुजराती परिवार में पैदा हुए।  गुजरात में बेहद साधारण परिवार में जन्‍मे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को 72 बरस के हो गए। मोदी ने बचपन में अपने पिता के साथ चाय बेचने में मदद की। जैसे जैसे वक्त बदलता गया मोदी भी अपने मुकाम की तरफ बढ़ते चले गए। 2007 के विधानसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी ने गुजरात के विकास को मुद्दा बनाया और फिर जीतकर लौटे। फिर 2012 में भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा गुजरात विधानसभा चुनावों में विजयी रही। राज्य में तीसरी बार अपनी सत्ता का डंका बजाया।  2012 तक मोदी का बीजेपी में कद इतना बड़ा हो गया कि उन्हें पार्टी के पीएम उम्मीदवार के रूप में देखा जाने लगा था। 2013 में उन्हें बीजेपी प्रचार अभियान का प्रमुख बनाया गया और बाद में बीजेपी ने प्रधानमंत्री पद के लिए नरेंद्...

गौवंश पर लंपी वायरस का बरपा कहर, अब तक हजारों की संख्या गायों की हो गई मौत, जानें लंपी वायरस के क्या है लक्षण, कैसे करें लंपी वायरस से बचाव

कोरोना वायरस ने पूरे विश्व में हाहाकार मचा दिया था। जहां धीरे धीरे कोरोना जैसी घातक महामारी से पूरा देश लड़ता रहा। वहीं अब बेजुबान जानवरों पर लम्पी वायरस जैसी बीमारी का कहर टूट पड़ा है।  आजकल देश में खासकर राजस्थान और गुजरात समेत 10 अलग अलग राज्यों में इस जानलेवा बीमारी का संक्रमण हो चूका है। हमारे देश के अतिरिक्त अन्य देशों में भी इस बीमारी ( lampi virus ) के चलते अभी तक बड़ी संख्या में दुधारू पशुओं की जान जा चुकी है। ये एक लाइलाज बीमारी है जिसका अभी तक कोई भी एंटीडोट नहीं तैयार किया जा सका है। क्या है लंपी वायरस? लम्पी वायरस ( lampi virus ) जानवरों में पायी जाने वाली एक जानलेवा बीमारी है। ये बीमारी दुधारू पशुओं में पाई जा रही है , मुख्य रूप से ये गायों में देखने को मिल रही है। इससे संक्रमित होने वाली गायों की हजारों की संख्या में मौत हो चुकी हैं। लंपी वायरस संक्रमित पशु के संपर्क में आने से ही अन्य स्वस्थ पशु को भी हो जाता है। लंपी वायरस को विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन ने अधिसूचित बीमारी घोषित की है। इसका कोई पुख्ता इलाज अभी तक नहीं आया है। हालांकि इसका इलाज सिर्फ लक्षणो...

राजस्थान कांग्रेस में गहलोत बनाम पायलट का जिन्न एक बार फिर अपने चरम पर, गहलोत के मंत्री अशोक चांदना ने दी सचिन पायलट को खुली धमकी।

रााजस्थान काांग्रेस में मचे घमासान पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। सवाल है राजस्थान कांग्रेस में दो फाड़ क्यों?, अशोक चांदना पर किसने फेंके जूते चप्पल?, क्या पायलट समर्थकों ने चांदना पर फेंके जूते चप्पल?, पायलट समर्थकों पर लगे आरोप कितने सच्चे कितने झूठे?, जनता से ज्यादा नेताओ को अपना स्वार्थ प्यारा?और सवाल यह भी है कि क्या सीएम बनने के लिए पायलट की है नई चाल? खैर जो भी अब राजस्थान में राजशी राजठाट, यहाँ का पहनावा और यहाँ के एतिहासिक जगहों से ज्यादा राजस्थान में इन दिनों कुछ मशहूर हो रहा है तो वो है आशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट। एक बार फिर CM अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी CM सचिन पायलट गुट के बीच का झगड़ा अपने बिल से बाहर निकल आया। बात सोमवार शाम की है जब अजमेर के पुष्कर में गुर्जर नेता कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला के अस्थि विसर्जन के दौरान एक सभा आयोजित हुई। इस दौरान गहलोत समर्थक खेल मंत्री अशोक चांदना जैसे ही भाषण देने मंच पर पहुंचे, तो दूसरी तरफ से पायलट समर्थकों ने जूते-बोतलें फेंककर विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे भी लगाए। अब ऐसे मे राजस्थान के खेलमंत्री अ...

योगी राज में बदली जेलों की तस्वीर, शाहजहांपुर जेल से समाने आई एक अनोखी तस्वीर, जेल के अन्दर कैदी लगा रहे हैं चौके-छक्के।

योगी राज 2.0 में सबकुछ बदल रहा है। माफियाओं की नींद उड़ी है तो गैंगस्टरों का एनकाउन्टर हो रहा है कानून व्यवस्था में सुधार है महिला में आत्मविश्वास बढ़ा है। यह सब योगी सरकार में ही संभव हुआ है। तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की जेलों में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। जेल में बंद बंदी कभी मास्क बनाते हैं तो कभी तिरंगा।  जेल में बंद बंदियों को मानसिक डिप्रेशन से बचाव के लिए अब यूपी की जेलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जा रहा है। यूपी के शाहजहांपुर जेल से एक तस्वीर निकल कर सामने आई है जिसमें जेल में बंद बंदी क्रिकेट खेल रहे है। और चौके छक्के लगा रहे हैं। वहीं और जेल के अधिकारी मैच के अंपायर बने हुए हैं।  शाहजहांपुर जिला कारागार के जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि उनकी जेल में बंद बंदियों के बीच एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि जेल में बंद बंदियों को तनाव मुक्त बनाने और उनका शरीर स्वास्थ्य रहे इस उद्देश्य से जेल के अंदर बंदियों को क्रिकेट मैच खिलाया जा रहा है। जाहिर सी बात है अगर इस तरह से कैदियों की मान...

बॉलिवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार के 20 सुपरहिट डायलॉग्स, जो हर किसी की जुबान पर है हाजिर

top 20 dailogue of Akshay Kumar बॉलिवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार द्वारा अलग-अलग फिल्मों में बोले गए डायलॉग के बारे में बात करेंगे। आइये देखते हैं अक्षय के टॉप 20 डायलॉग्स उनकी फिल्मों के नाम के साथ। अक्षय कुमार के 20 सुपरहिट डायलॉग्स 1) तुम लोग परिवार के साथ यहाँ चैन से जियो इसलिए हम लोग रोज बॉर्डर पर मरते हैं –  हॉलिडे 2) भगवान ने सिर्फ इंसान बनाया लेकिन इंसाने ने ये जात-पात, धर्म और मजहब का धंधा शुरू कर दिया –  ओह माय गॉड 3) मैं जो बोलता हूँ वो करता हूँ और जो नही बोलता वो डेफिनेटली करता हूँ –  राउडी राठौर 4) मोहब्बत रंग लाती है जब दिल से दिल मिलते हैं, मुश्किल तो ये है कि दिल बड़ी मुश्किल से मिलते हैं –  अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों 5) जब तक हार नही होती तब तक आदमी जीता हुआ रहता है –  नमस्ते लंदन 6) पीने की कैपेसिटी, जीने की स्ट्रेंथ, अकाउंट का बैलेंस और नाम का खौफ कभी कम नही होना चाहिए –  वन्स अपॉन ए टाइम इन मुंबई – दोबारा 7) साले जहां अमोल पालेकर बनना चाहिए वहाँ शक्ति कपूर बन जाता है –  राउडी राठौर 8) अगर मैं हीरो बन गया तो मेरी प...

शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के निधन से देश में शोक की लहर, पीएम समेत कई नेताओं ने शंकराचार्य को दी विनम्र श्रद्धांजलि, आज आश्रम में दी जाएगी भूसमाधि।

द्वारका एवं शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का रविवार को निधन हो गया। वे 99 साल के थे। उन्होंने मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर में आखिरी सांस ली। स्वरूपानंद सरस्वती को हिंदुओं का सबसे बड़ा धर्मगुरु माना जाता था। कुछ दिन पहले ही स्वरूपानंद सरस्वती ने अपना 99वां जन्मदिवस मनाया था, जिसमें एमपी के सीएम शिवराज सिंह चौहान समेत कई बड़े नेताओं ने उनसे मुलाकात की थी। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का गंगा आश्रम नरसिंहपुर जिले के झोतेश्वर में हैं। उन्होंने रविवार को यहां दोपहर 3.30 बजे ली अंतिम सांस ली। स्वरूपानंद सरस्वती का जन्म एमपी के सिवनी में 2 सितंबर 1924 को हुआ था। वे 1982 में गुजरात में द्वारका शारदा पीठ और बद्रीनाथ में ज्योतिर मठ के शंकराचार्य बने थे। शंकराचार्य सरस्वती ने 9 साल की उम्र में घर छोड़ दिया था और धर्म की तरफ रुख किया। उन्होंने काशी (यूपी) में वेद-वेदांग और शास्त्रों की शिक्षा ली। स्वामी स्वरुपानन्द सरस्वती ने आजादी की लड़ाई में भी हिस्सा लिया था। उन्होंने 15 महीने की जेल में सजा काटी। सरस्वती ने यूपी के वाराणसी में ...

भाग्य नहीं दे रहा है साथ, बनते हुए काम अचानक बिगड़ जाए तो आप हो सकते है पितृ दोष से पीड़ित, जानें क्या होता है पितृ दोष, क्या है इसके लक्षण और उपाय।

पितृदोष आखिर क्यों होता है?, ऐसे सवाल हम सबके मन में आते है।  हिंदू धर्म में कर्मकाण्ड का बड़ा महत्व है। इन कर्म काण्डों को विधि-विधान से करने पर पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। लेकिन कई बार किसी कारण से पितृदोष के चलते मृत पूर्वज नाराज रहते है। पूर्व जन्म के पापों के कारण या पितरों के श्राप के कारण कुंडली में पितृदोष प्रकट होता है। इसके कारण पिता को मृत्युतुल्य कष्ट होता है, साथ ही व्यक्ति के भाग्योदय में बाधा आती है। ज्योतिष में जब भाग्य भाव पीड़ित हो जाता है तब ऐसा होता है। भाग्य भाव ही धर्म का घर दरअसल भाग्य भाव ही धर्म का घर कहलाता है, इसी घर से कुण्डली में पिता का भी विचार किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में यह घर क्रूर व पापी ग्रहों से पीड़ित हो जाए तो यह पूर्वजों की नाराजगी व अधूरी इच्छाओं की ओर इशारा करता है।इसके अतिरिक्त सूर्य और चंद्र यदि राहु या केतु से पीड़ित हो जाए तो भी पितृ दोष माना जाता है पीपल का घर में उगना  घर में पीपल का उगना शुभ संकेत नहीं है। किसी के घर में बार-बार पीपल का उगना पितृदोष की निशानी हो सकती है। ऐसा हो सकता है कि...

कब शुरू होंगे पितृपक्ष(श्राद्ध) 2022, पितृपक्ष में कैसे करें अपने पितरों को प्रसन्न, साल में 15 दिन ही क्यों होते हैं पितरों को समर्पित।

गणपति बप्पा की उपासना के बाद आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा से अमावस्या तक 15 दिनों का पूरा पखवाड़ा पितृपक्ष के नाम से जाना जाता है। इस बार यह 11 सितंबर से लेकर 25 सितंबर तक रहेगा। यह पक्ष अपने पितरों को तृप्त करने का है। इस समय कोई भी लौकिक शुभ कार्य का प्रारंभ नहीं किया जाता है। इसके साथ ही किसी नए कार्य या नए अनुबंध को भी नहीं किया जाना चाहिए। यह समय है पितृ यानी इमीडिएट बॉस को प्रणाम करने का। क्यों किया जाता है तर्पण श्राद्ध ? माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान यमराज आत्मा को मुक्त कर देते हैं, जिसके चलते मृत आत्मा अपने परिजनों के यहां जाकर तर्पण ग्रहण कर सकें. इस दौरान तर्पण करने से पितृ दोष दूर होता है। बता दें कि पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से आने वाली समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। 15 दिन होते पितरों को समर्पित   यह पक्ष साल के 365 दिनों में से 15 दिन अपने पितरों को समर्पित रहता है, जिस तरह महादेव को एक पूरा माह समर्पित रहता है। मां शक्ति के लिए वर्ष में दो बार 9 दिन शारदीय नवरात्रि और चैत्र नवरात्र के रूप में रहते हैं, उसी तरह शास्त्रों में पित...

दिल्ली की राजनीति में कौन है सच्चा? कौन है झूठा?, जानें दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर लगे आरोपों की क्या है सच्चाई?

पिछले कुछ दिनों से राजनीति में जो कुछ देखने को मिल रहा है। उससे साफ जाहिर होता हैं कि अब राजनीति की परिभाषा बदल चुकी है। अब नेता अपने गिरेबान में झाँकना पसंद नहीं करते थे बल्कि किस नेता की कमीज कितनी गंदी है उस पर कितने दाग है। बस यह बताना जरूरी समझते है। खैर अब मुद्दें की बात दिल्ली की राजनीति में सियासतदानों की जुबानी जंग चल रहीं है। एक तरफ दिल्ली सरकार की फोज़ खड़ी है तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार की आर्मी कमान संभाले हुए है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। मनीष सिसोदिया के आवास समेत अन्य जगहों पर सीबीआई की छापामारी को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार बीजेपी पर हमलावर है। कौन किस पर क्या आरोप प्रत्यारोप लगा रहा है इस विषय पर बाद में बात करेंगे। लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि दिल्ली की राजनीति में यह घमासान क्यों हुआ? सवाल - दिल्ली के डिप्टी सीएम पर लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है? सवाल - CBI की छापेमारी पर 'आप' क्यों बौखलाई हुई है? सवाल - अगर सिसोदिया बेकसूर है तो आप के नेता ज़हर क्यों उगल रहे है? सवाल - अगर बीजेपी के पास...

उत्तराखंड- रायपुर में बादल फटने और भारी बारिश ने देहरादून में मचाई तबाही, टपकेश्वर मंंदिर के पास बाढ़ जैसे हालात

उत्तराखंड़ से बादल फटने की खबर अक्सर सुनना को मिल जाती है  लेकिन शुक्रवार की देहरादून के लिए कहर बनकर आई। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रायपुर में बादल फटने की सूचना मिली है। रायपुर (Sarkhet) प्रखंड के सरखेत गांव में स्थानीय लोगों ने सुबह 2 बजकर 45 मिनट पर बादल फटने की सूचना दी। जिसके बाद  SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहीं गांव में फंसे सभी लोगों को बचा लिया गया है। इसकी सूचना एसडीआरएफ के ओर से दी गई है।  बादल फटने के बाद कई जगहों पर चल भराव की सूचना मिली है। वहीं देहरादून के ही कई जगहों पर तेज बारिश हुई है। बताया जाता है कि देहरादून के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। भारी बारिश के बाद कई नदियां ऊफान पर हैं। इससे बाढ़ की स्थिति भी बनी हुई है। कई जगहों पर सड़कें टूटने और घरों पानी घूसने की बात सामने आई है।  वहीं देहरादून में लगातार हुई भारी बारिश के बाद अब आम जनजीवन भी बाधित हुआ है। बताया जा रहा है कि इसको लेकर प्रशासन की ओर से पहले तैयारी नहीं की गई थी। जिसके कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ...