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कांग्रेस के गठन से लेकर अब तक पार्टी को कितने अध्यक्ष मिले? इनमें से कितने नेहरु-गांधी परिवार से थे? कितने गैर नेहरू-गांधी पार्टी के अध्यक्ष रहे? इस बार होने वाले चुनाव में किसकी दावेदारी मजबूत है? #कांग्रेस

कांग्रेस में जारी उठापठक के बीच पार्टी हाईकमान ने अध्यक्ष पद के चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया है। 17 अक्तूबर को अध्यक्ष पद के लिए चुनाव होगा। 19 अक्तूबर को नतीजा आएगा।  चुनाव के लिए 22 सितंबर को अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। 24 सितंबर से 30 सितंबर तक इसके लिए नामांकन दाखिल किया जा सकेगा। अगर सबकुछ तय कार्यक्रम के तहत हुआ तो 19 अक्तूबर को कांग्रेस का अगला अध्यक्ष मिल जाएगा।  क्या फिर से पार्टी की कमान गांधी परिवार के पास जाएगी या सोनिया-राहुल अपने किसी करीबी को ये जिम्मेदारी सौंपेंगे? कांग्रेस के गठन से लेकर अब तक पार्टी को कितने अध्यक्ष मिले? इनमें से कितने नेहरु-गांधी परिवार से थे? कितने गैर नेहरू-गांधी पार्टी के अध्यक्ष रहे? इस बार होने वाले चुनाव में किसकी दावेदारी मजबूत है?  गांधी परिवार से बाहर किसकी उम्मीदवारी मजबूत?  1. अशोक गहलोत - गांधी परिवार के करीबी हैं। गहलोत को अध्यक्ष बनाकर कांग्रेस एक तीर से दो निशाने लगा सकती है। गहलोत नाराज न हों, इसलिए उन्हें पार्टी की सबसे बड़ी पोस्ट मिल जाएगी और राजस्थान हाथ से न जाए इसके लिए सचिन पायलट को मुख्य...

किसके सिर पर सजेगा कांग्रेस अध्यक्ष पद का ताज अशोक गहलोत या फिर शशि थरूर? देखिए कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन है शामिल।

कौन होगा कांग्रेस का अगला अध्यक्ष? यह सवाल अब सुर्खियां बटोर रहा है। क्योंकि कांग्रेस आलाकमान ने फैसला कर लिया है कि इस बार कांग्रेस अध्यक्ष गैर गांधी होगा। ऐसे में अब कांग्रेस खेमें में हलचल शुरू हो गई है। किसके सिर सजेगा अध्यक्ष का ताज? किसको मिलेगा वफादारी का ईनाम किसको मिलेगी गद्दारी की सज़ा? कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ती जा रही है। अब राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वो राहुल गांधी को बनाने के लिए आलाकमान से बात करेंगे, साथ ही राहुल को भी मनाएंगे। गहलोत के मुताबिक राहुल नहीं माने तो वे खुद भी नामांकन भरेंगे। वहीं  राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट का कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोई भी व्यक्ति दो पदों पर नहीं रह सकता है। उनका इशारा सीएम अशोक गहलोत की ओर था। सीएम गहलोत का नाम कांग्रेस अध्यक्ष पद की रेस में चल रहा है। उन्होंने कहा है कि अगर राहुल गांधी नामांकन के लिए तैयार नहीं होते हैं तो वह (गहलोत) अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उ...

योगी राज में बदली जेलों की तस्वीर, शाहजहांपुर जेल से समाने आई एक अनोखी तस्वीर, जेल के अन्दर कैदी लगा रहे हैं चौके-छक्के।

योगी राज 2.0 में सबकुछ बदल रहा है। माफियाओं की नींद उड़ी है तो गैंगस्टरों का एनकाउन्टर हो रहा है कानून व्यवस्था में सुधार है महिला में आत्मविश्वास बढ़ा है। यह सब योगी सरकार में ही संभव हुआ है। तो दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश की जेलों में काफी सुधार देखने को मिल रहा है। जेल में बंद बंदी कभी मास्क बनाते हैं तो कभी तिरंगा।  जेल में बंद बंदियों को मानसिक डिप्रेशन से बचाव के लिए अब यूपी की जेलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ कवि सम्मेलन का आयोजन भी किया जा रहा है। यूपी के शाहजहांपुर जेल से एक तस्वीर निकल कर सामने आई है जिसमें जेल में बंद बंदी क्रिकेट खेल रहे है। और चौके छक्के लगा रहे हैं। वहीं और जेल के अधिकारी मैच के अंपायर बने हुए हैं।  शाहजहांपुर जिला कारागार के जेल अधीक्षक मिजाजी लाल ने बताया कि उनकी जेल में बंद बंदियों के बीच एक क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया है। उन्होंने बताया कि जेल में बंद बंदियों को तनाव मुक्त बनाने और उनका शरीर स्वास्थ्य रहे इस उद्देश्य से जेल के अंदर बंदियों को क्रिकेट मैच खिलाया जा रहा है। जाहिर सी बात है अगर इस तरह से कैदियों की मान...

मराठा समाज के लिए बड़ा झटका, महाराष्ट्र के पूर्व विधायक विनायक मेटे का सड़क हादसे में निधन, पुणे एक्सप्रेसवे पर हुआ हादसा।

महाराष्ट्र में मराठा समाज को बहुत झटका लगा है। मराठा समाज ने अपना एक नेता खो दिया है। महाराष्ट्र (Maharashtra) में मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे (Mumbai Pune Expressway) पर एक बड़ा सड़क हादसा हो गया है। इस हादसे में पूर्व विधायक विनायक मेटे (Vinayak Mete) की मौत हो गई है। उनकी एसयूवी कार के परखच्चे उड़ गए हैं।  बता दें कि विनायक मेटे शिव संग्राम पार्टी (Shiv Sangram Party) के नेता थे। उनकी उम्र अभी 52 साल थी। मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर विनायक मेटे हादसे का शिकार हो गए हैं। वो महाराष्ट्र विधान परिषद के सदस्य रह चुके थे। विनायक मेटे मराठा लोगों को आरक्षण (Maratha Reservation) दिए जाने के बड़े समर्थक थे। पुलिस के मुताबिक, हादसा आज (रविवार को) सुबह करीब 5 बजकर 15 मिनट पर हुआ। गाड़ी में सवार थे 3 लोग पुलिस अधिकारी ने बताया कि ये हादसा रसायनी थाना इलाके में मडप टनल (Madap Tunnel) के पास हुआ। विनायक मेटे अपने ड्राइवर और एक अन्य व्यक्ति के साथ गाड़ी में सवार थे। ये तीनों पुणे से मुंबई जाने के रास्ते पर थे। वहीं मडप टनल के पास एक वाहन ने विनायक मेटे की कार को टक्कर मार दी, जिसकी ...

राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री पायलट का पावर कंट्रोल, एक तीर से छोड़ कई निशाने- जीएसटी, महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा

संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है यह हंगामा महंगाई बेरोजगारी के मुद्दे पर नहीं बल्कि यह हंगामा कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर है। अधीर रंजन चौधरी ने  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कह कर संबोधित किया था। तभी से बीजेपी ने उनपर निशाना साधना शुरू कर दिया था. हांलाकि, अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में की गई टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि "उनके मुंह से निकल गया। जिसका उन्हें बेहद खेद है"। साथ ही अधीर रंजन ने कहा "बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वह इसे उठा रही है"। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार संसद में  जीएसटी, महंगाई, चीन का सीमा पर अतिक्रमण, बेरोजगारी के मुद्दों पर चर्चा करने से बचना चाहती है और जल्दबाजी में विपक्ष के लोगों को सदन से हटाकर विधेयक पारित करवाना चाहती है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अमर्यादित व्यवहार की निंदा भी की। पायलट ने कहा, ‘‘ अगर पूरा बहुमत आपके (केन्द्र सरकार के पास) है तो आपको चर...

भारत तो बदला लेकिन भारतीयों की सोच नहीं बदली, ऐसी गंदी सोच ने देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भी नहीं छोड़ा।

देश का राष्ट्रपति और उसका सम्मान सर्वोपरि है और इस सम्मान  के साथ कभी समझोता नहीं किया जा सकता है। क्योंकि एक देश की आन बान शान सब राष्ट्रपति से है लेकिन जब जब राष्ट्रपति के अपमान की बात आती है तो हर भारतीय का खून खोलना लाजमी है बात ज्यादा दिनों की नहीं है। 21 जुलाई 2022 को भारत की पहली आदिवासी महिला को राष्ट्रपति पद के लिए चुना गया। द्रौपदी मुर्मू ने 25 जुलाई को राष्ट्रपति पद की शपथ ली। देश को नया राष्ट्रपति मिलने पर पूरे देश जश्न देखने को मिला तो दूसरी तरफ विपक्ष के बयान सब हिलाकर रख दिया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को एक निजी चैनल के कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ‘‘राष्ट्रपत्नी’’ कहकर संबोधित किया था। अधीर रंजन चौधरी के द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) को 'राष्ट्रपत्नी' बोलने पर गुरुवार को संसद (Parliament) में भारी हंगामा हुआ। भाजपा (BJP) ने कांग्रेस (Congress) नेता द्वारा राष्ट्रपति के प्रति इस शब्द के इस्तेमाल को लेकर विरोध जताया है। संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और स्मृति इरानी ने कांग्रेस पर...

जिसकी आवाज़ के आगे कोई टिक नहीं पाए वो है गुर्जर, जानें गुर्जरों का इतिहास।

गुर्जर शब्द वैसे तो संस्कृत का शब्द है। जिसका अर्थ 'शत्रु का नाश करने वाला' अर्थात 'शत्रु विनाशक' होता है...लेकिन गुर्जर नाम में ही शेर ही की दहाड़ है। और इस दहाड़ के आगे कोई टिक नहीं पाता है। चाहे कोई कितना भी कुछ भी क्यों न कर लें, गुर्जरो के महापुरुषों को छिनने की लाख कोशिश क्यों न हो... लेकिन गुर्जर अपना हक मांग कर नहीं, छिन लेता है.. फिर चाहे मिहिर भोज हो या पृथ्वीराज चौहान या फिर राजस्थान में गुर्जर आरक्षण ही क्यों न हो.. गुर्जर कभी झुकता नहीं  है वो सामने वाले को झुका कर ही दम लेता है। आज हम आपको गुर्जर समाज के महापुरुषों के बारे  बताएँगे। जिन्होंने आन बान शान के लिए अपने प्राणों को  क़ुर्बान कर दिया लेकिन आखिरी वक्त तक बब्बर शेर की तरह लड़ते लड़ते अपना नाम अमर कर दिया। वैसै अगर देखा जाए तो इस वीर गुर्जर जाति मे अनेकों महापुरुषों ने जन्म लिया है जैसे गायत्री माता, जो ब्रह्मा जी की अर्धांग्नी रही। नन्द बाबा, जो भगवान कृष्ण के पालनकर्ता रहे, माता राधा.. जो जाति से जैसी गुर्जरी थी, जो भगवान कृष्ण की संगिनी रही। वही सवाई भोज जैसे वीर पैदा हुए, जिन्होंने...

अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर हिंदू धर्म का अपमान क्यों?

क्या हिंदू देवी देवता ही ऐसे है देवता है जिनका अपमान करने का लाइसेंस आसानी से मिल जाता है? कोई भी एरा गैरा आता है और हिंदू धर्म पर कुछ भी बोल कर चला जाता है.. कभी भगवान शिव को फिल्मो में गलत तरीके से पेश किया जाता हैं तो कभी सेक्सी दुर्गा जैसी फिल्मे बनाई जाती है क्या कभी इन लोगों ने दूसरे धर्मों का माखौल बनाया है क्या दूसरे धर्मों के बारे  में भी अपशब्द कहने की हिम्मत की है। अगर नहीं, तो फिर  सनातन धर्म ही क्यों? आखिर कब तक हिंदू देवी देवताओं का इस तरह से मजाक उड़ाया जाएगा। आज यह सवाल आज़ाद परिंदा टीवी आपसे पूछता है आखिर कब तक सस्ती पब्लिसिटी के लिए हिंदू धर्म और देवी देवताओं का अपमान होगा?  दरअसल, बीते दिनों डायरेक्टर लीना मण‍िमेकलई (Leena Manimekalai) की अपकमिंग डॉक्यूमेंट्री 'काली' का पोस्टर लॉन्च किया गया है, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर विवाद छिड़ा हुआ है। इस पोस्टर पर विवाद इसलिए है क्योंकि इस पोस्टर से आस्था को ठेस पहुंची है। इस पोस्टर में मां काली को सिगरेट पीते और एक हाथ में LGBTQ+ कम्युनिटी का झंडा पकड़े देखा जा सकता है। इस पोस्टर से हिन्दू धर्म के लो...