Skip to main content

Posts

Showing posts with the label Desh Bhakti

शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती

“वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों को नहीं मार सकते। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को कुचलने में सक्षम नहीं होंगे।”  यह बात शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सच हो रहे है। आज भगत सिंह हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके विचार आज हर भारतीय की जुबां पर है। देश का हर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को उनकी जयंती पर याद कल रहा है। सोशल मीडिया हो या फिर भगत की पूज्य जन्मभूमि हर जगह देश के इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी जा रहीं है।  शहीद-ए-आजम भगत सिंह भारत के एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी विचारधारा और उग्र वामपंथी व्यक्तित्व वाले महान देशभक्त थे। साथ ही भगतसिंह एक महान कवि, विचारक, लेखक तथा दूरदृष्टा भी थे जिन्होंने हसरत मोहानी के नारे  ‘इंकलाब जिन्दाबाद’  को सच कर दिखाया। देखा जाए तो इस अमर शहीद के बारे में हमारी यह धारणा ब्रिटिश रिकार्ड के आधार पर बनी जिसे हमने अपने स्वतंत्र विचारों से परखने का प्रयास नहीं किया। भगत सिंह ने 23 वर्ष और कुछ महीनों का छोटा लेकिन यादगार जीवन जिया, और इतनी कम आयु में उन्होंने वैचारिक परिपक्वता और लक्ष्य के प्रति जो दृढ़ता हा...