“वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों को नहीं मार सकते। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को कुचलने में सक्षम नहीं होंगे।” यह बात शहीद-ए-आज़म भगत सिंह के सच हो रहे है। आज भगत सिंह हमारे बीच नहीं है लेकिन उनके विचार आज हर भारतीय की जुबां पर है। देश का हर शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को उनकी जयंती पर याद कल रहा है। सोशल मीडिया हो या फिर भगत की पूज्य जन्मभूमि हर जगह देश के इस वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी जा रहीं है। शहीद-ए-आजम भगत सिंह भारत के एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, क्रांतिकारी विचारधारा और उग्र वामपंथी व्यक्तित्व वाले महान देशभक्त थे। साथ ही भगतसिंह एक महान कवि, विचारक, लेखक तथा दूरदृष्टा भी थे जिन्होंने हसरत मोहानी के नारे ‘इंकलाब जिन्दाबाद’ को सच कर दिखाया। देखा जाए तो इस अमर शहीद के बारे में हमारी यह धारणा ब्रिटिश रिकार्ड के आधार पर बनी जिसे हमने अपने स्वतंत्र विचारों से परखने का प्रयास नहीं किया। भगत सिंह ने 23 वर्ष और कुछ महीनों का छोटा लेकिन यादगार जीवन जिया, और इतनी कम आयु में उन्होंने वैचारिक परिपक्वता और लक्ष्य के प्रति जो दृढ़ता हा...
13 या 14 अक्टूबर किस दिन रखा जाएगा करवा चौथ का व्रत, जानें क्या है इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त, करवा चौथ पर कुछ नियम अपनाकर मिलेगा इस बार अखंड सौभाग्य का वरदान।
करवाचौथ व्रत का इंतजार हर सुहागिन महिला को रहता है। करवाचौथ का व्रत सुहागिन औरतें अपने पति की लंबी उम्र के लिए रखती हैं। हर साल कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष के दिन करवा चौथ का व्रत रखा जाता है। कहावत है जो महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखती हैं उन पर भगवान शिव और माता पार्वती की कृपा बना रहती है। करवा चौथ का सही 'समय' और 'तारीख' इस साल करवाचौथ का व्रत कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 13 अक्टूबर को रात्रि 1 बजकर 59 मिनट से शुरू होगा और अगले दिन 14 अक्टूबर को सुबह 03 बजकर 08 मिनट पर समाप्त होगा। क्योंकि करवाचौथ की तिथि 13 अक्टूबर को उदया तिथि से शुरू होगी इसलिए व्रत 13 अक्टूबर को ही रखा जाएगा। करवा चौथ पर पूजा का शुभ मुहूर्त करवा चौथ की पूजा के लिए कुछ खास मुहूर्त भी हैं जिसमें पूजा करना विशेष फलदायी होगा। करवा चौथ पर अमृत काल शाम 04 बजकर 08 मिनट से शाम 05 बजकर 50 मिनट तक रहेगा। इसके बाद अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 21 मिनट से दोपहर 12 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। कैसे करें इस बार पूजा? व्रत के दिन सुबह उठकर, तैयार होकर भगवान के आगे खड़े होकर निर्जला व्रत का संकल्प करें। शा...