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Showing posts from October, 2021

नज़राना

नज़राना अहसास है। अपनो का, और परायों का जो पल में सुकून दे, तो पल में गहरी चोट। अहसास करवा देता है कि.. इस मतलबी दुनिया में... खुद के सिवा कोई अपना नहीं। खैर, दो किस्म के लोग है। एक वो, जो आपको अपना समझेंगे। तो दूसरे वो,  जो अपना कह कहकर...  पीठ में खंजर घौप देंगे। नज़राना अहसास है। अपनो का, और परायों का।। कहावत है,  मतलबी दुनिया को... वक़्त रहते समझ जाओ। वरना कब?  खुदकी... नुमाईश करवा बैठोगे, अहसास भी नहीं होगा ये तो करवां है। कभी दिलों का, तो कभी दिलों के साथ... खिलवाड़ का।। नज़राना अहसास है। अपनो का, और परायों का।।