राजस्थान के पूर्व उप-मुख्यमंत्री पायलट का पावर कंट्रोल, एक तीर से छोड़ कई निशाने- जीएसटी, महंगाई और बेरोजगारी पर सरकार को घेरा
संसद में जबरदस्त हंगामा देखने को मिल रहा है यह हंगामा महंगाई बेरोजगारी के मुद्दे पर नहीं बल्कि यह हंगामा कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी के बयान पर है। अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कह कर संबोधित किया था। तभी से बीजेपी ने उनपर निशाना साधना शुरू कर दिया था. हांलाकि, अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बारे में की गई टिप्पणी पर सफाई देते हुए कहा कि "उनके मुंह से निकल गया। जिसका उन्हें बेहद खेद है"। साथ ही अधीर रंजन ने कहा "बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है इसलिए वह इसे उठा रही है"।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार संसद में जीएसटी, महंगाई, चीन का सीमा पर अतिक्रमण, बेरोजगारी के मुद्दों पर चर्चा करने से बचना चाहती है और जल्दबाजी में विपक्ष के लोगों को सदन से हटाकर विधेयक पारित करवाना चाहती है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ अमर्यादित व्यवहार की निंदा भी की।
पायलट ने कहा, ‘‘ अगर पूरा बहुमत आपके (केन्द्र सरकार के पास) है तो आपको चर्चा में भाग लेना चाहिए..। लेकिन भाजपा का ध्यान सिर्फ चुनावी गणित साधने, प्रतीकात्मकता करने और महंगाई एवं बेरोजगारी पर चर्चा रोकने पर ध्यान केन्द्रित है। शासन पर उसका ध्यान नहीं है।''
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘केन्द्र में पिछले सात-आठ सालों से भाजपा की सरकार है लेकिन राजस्थान को जो हमारा हिस्सा है.. जो अनुपात बनता है.. वो धनराशि नहीं मिल पाती है, इतने सारे मंत्री बने हुए हैं लेकिन जो पर्याप्त समर्थन इतने बडे प्रदेश को मिलना चाहिए वो मिलता नहीं है। भाजपा को इसका जवाब देना चाहिए ।'' उन्होंने कहा कि ‘‘आज जो महंगाई है उस पर संसद में चर्चा सरकार करना नहीं चाह रही है..20-20 सांसदों को निलंबित किया जा रहा है.. सांसद संसद में गांधी की मूर्ति के नीचे धरने पर बैठे हैं। लेकिन जीएसटी, महंगाई और चीन के अतिक्रमण,..बेरोजगारी.. इन सब मुद्दों पर सरकार चर्चा करने से बचना चाहती है।''
भरतपुर में साधु के आत्मदाह पर पूछे गये सवाल का जवाब देते हुए पायलट ने कहा ‘‘ कानून में जो भी शिकायत होगी उसकी जांच सरकार पूरी करेगी लेकिन मैं समझता हूं कि जो हादसा हुआ है वह बड़ा दुखदायी था। पायलट ने ट्वीट किया, ‘‘सोनिया गांधी जी ने देश की सेवा,एकता, प्रगति एवं खुशहाली को अपना सर्वप्रथम कर्तव्य माना है। हर परिस्थिति मे उनका विनम्र स्वभाव व सभी के प्रति सम्मान सर्वविदित है।'' उन्होंने कहा,‘‘आज सदन मे भाजपा नेता ने उनके साथ जो अमर्यादित व्यवहार किया वो निंदनीय है।''
जाहिर है कि कांग्रेस नेता के बयान से मैच बवाल को शांत करने की पुरजोर कोशिश की जा रही है लेकिन बवाल की चपेट में सोनिया गांधी आ चुकी है हालांकि अब ये देखना होगा कि यह मामला कब शांत होगा। दोस्तों इस विषय पर आप भी हमसे अपने विचार सांझा करें।
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