भाग्य नहीं दे रहा है साथ, बनते हुए काम अचानक बिगड़ जाए तो आप हो सकते है पितृ दोष से पीड़ित, जानें क्या होता है पितृ दोष, क्या है इसके लक्षण और उपाय।
पितृदोष आखिर क्यों होता है?, ऐसे सवाल हम सबके मन में आते है। हिंदू धर्म में कर्मकाण्ड का बड़ा महत्व है। इन कर्म काण्डों को विधि-विधान से करने पर पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। लेकिन कई बार किसी कारण से पितृदोष के चलते मृत पूर्वज नाराज रहते है। पूर्व जन्म के पापों के कारण या पितरों के श्राप के कारण कुंडली में पितृदोष प्रकट होता है। इसके कारण पिता को मृत्युतुल्य कष्ट होता है, साथ ही व्यक्ति के भाग्योदय में बाधा आती है। ज्योतिष में जब भाग्य भाव पीड़ित हो जाता है तब ऐसा होता है। भाग्य भाव ही धर्म का घर दरअसल भाग्य भाव ही धर्म का घर कहलाता है, इसी घर से कुण्डली में पिता का भी विचार किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में यह घर क्रूर व पापी ग्रहों से पीड़ित हो जाए तो यह पूर्वजों की नाराजगी व अधूरी इच्छाओं की ओर इशारा करता है।इसके अतिरिक्त सूर्य और चंद्र यदि राहु या केतु से पीड़ित हो जाए तो भी पितृ दोष माना जाता है पीपल का घर में उगना घर में पीपल का उगना शुभ संकेत नहीं है। किसी के घर में बार-बार पीपल का उगना पितृदोष की निशानी हो सकती है। ऐसा हो सकता है कि...