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भाग्य नहीं दे रहा है साथ, बनते हुए काम अचानक बिगड़ जाए तो आप हो सकते है पितृ दोष से पीड़ित, जानें क्या होता है पितृ दोष, क्या है इसके लक्षण और उपाय।

पितृदोष आखिर क्यों होता है?, ऐसे सवाल हम सबके मन में आते है।  हिंदू धर्म में कर्मकाण्ड का बड़ा महत्व है। इन कर्म काण्डों को विधि-विधान से करने पर पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। लेकिन कई बार किसी कारण से पितृदोष के चलते मृत पूर्वज नाराज रहते है। पूर्व जन्म के पापों के कारण या पितरों के श्राप के कारण कुंडली में पितृदोष प्रकट होता है। इसके कारण पिता को मृत्युतुल्य कष्ट होता है, साथ ही व्यक्ति के भाग्योदय में बाधा आती है। ज्योतिष में जब भाग्य भाव पीड़ित हो जाता है तब ऐसा होता है। भाग्य भाव ही धर्म का घर दरअसल भाग्य भाव ही धर्म का घर कहलाता है, इसी घर से कुण्डली में पिता का भी विचार किया जाता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में यह घर क्रूर व पापी ग्रहों से पीड़ित हो जाए तो यह पूर्वजों की नाराजगी व अधूरी इच्छाओं की ओर इशारा करता है।इसके अतिरिक्त सूर्य और चंद्र यदि राहु या केतु से पीड़ित हो जाए तो भी पितृ दोष माना जाता है पीपल का घर में उगना  घर में पीपल का उगना शुभ संकेत नहीं है। किसी के घर में बार-बार पीपल का उगना पितृदोष की निशानी हो सकती है। ऐसा हो सकता है कि...

कब शुरू होंगे पितृपक्ष(श्राद्ध) 2022, पितृपक्ष में कैसे करें अपने पितरों को प्रसन्न, साल में 15 दिन ही क्यों होते हैं पितरों को समर्पित।

गणपति बप्पा की उपासना के बाद आश्विन मास के कृष्ण पक्ष में प्रतिपदा से अमावस्या तक 15 दिनों का पूरा पखवाड़ा पितृपक्ष के नाम से जाना जाता है। इस बार यह 11 सितंबर से लेकर 25 सितंबर तक रहेगा। यह पक्ष अपने पितरों को तृप्त करने का है। इस समय कोई भी लौकिक शुभ कार्य का प्रारंभ नहीं किया जाता है। इसके साथ ही किसी नए कार्य या नए अनुबंध को भी नहीं किया जाना चाहिए। यह समय है पितृ यानी इमीडिएट बॉस को प्रणाम करने का। क्यों किया जाता है तर्पण श्राद्ध ? माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान यमराज आत्मा को मुक्त कर देते हैं, जिसके चलते मृत आत्मा अपने परिजनों के यहां जाकर तर्पण ग्रहण कर सकें. इस दौरान तर्पण करने से पितृ दोष दूर होता है। बता दें कि पितरों का तर्पण करने से पितृ दोष से आने वाली समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। 15 दिन होते पितरों को समर्पित   यह पक्ष साल के 365 दिनों में से 15 दिन अपने पितरों को समर्पित रहता है, जिस तरह महादेव को एक पूरा माह समर्पित रहता है। मां शक्ति के लिए वर्ष में दो बार 9 दिन शारदीय नवरात्रि और चैत्र नवरात्र के रूप में रहते हैं, उसी तरह शास्त्रों में पित...

दिल्ली की राजनीति में कौन है सच्चा? कौन है झूठा?, जानें दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया पर लगे आरोपों की क्या है सच्चाई?

पिछले कुछ दिनों से राजनीति में जो कुछ देखने को मिल रहा है। उससे साफ जाहिर होता हैं कि अब राजनीति की परिभाषा बदल चुकी है। अब नेता अपने गिरेबान में झाँकना पसंद नहीं करते थे बल्कि किस नेता की कमीज कितनी गंदी है उस पर कितने दाग है। बस यह बताना जरूरी समझते है। खैर अब मुद्दें की बात दिल्ली की राजनीति में सियासतदानों की जुबानी जंग चल रहीं है। एक तरफ दिल्ली सरकार की फोज़ खड़ी है तो दूसरी तरफ केंद्र सरकार की आर्मी कमान संभाले हुए है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। मनीष सिसोदिया के आवास समेत अन्य जगहों पर सीबीआई की छापामारी को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार बीजेपी पर हमलावर है। कौन किस पर क्या आरोप प्रत्यारोप लगा रहा है इस विषय पर बाद में बात करेंगे। लेकिन ऐसे में सवाल उठता है कि दिल्ली की राजनीति में यह घमासान क्यों हुआ? सवाल - दिल्ली के डिप्टी सीएम पर लगे आरोपों में कितनी सच्चाई है? सवाल - CBI की छापेमारी पर 'आप' क्यों बौखलाई हुई है? सवाल - अगर सिसोदिया बेकसूर है तो आप के नेता ज़हर क्यों उगल रहे है? सवाल - अगर बीजेपी के पास...

उत्तराखंड- रायपुर में बादल फटने और भारी बारिश ने देहरादून में मचाई तबाही, टपकेश्वर मंंदिर के पास बाढ़ जैसे हालात

उत्तराखंड़ से बादल फटने की खबर अक्सर सुनना को मिल जाती है  लेकिन शुक्रवार की देहरादून के लिए कहर बनकर आई। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के रायपुर में बादल फटने की सूचना मिली है। रायपुर (Sarkhet) प्रखंड के सरखेत गांव में स्थानीय लोगों ने सुबह 2 बजकर 45 मिनट पर बादल फटने की सूचना दी। जिसके बाद  SDRF की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहीं गांव में फंसे सभी लोगों को बचा लिया गया है। इसकी सूचना एसडीआरएफ के ओर से दी गई है।  बादल फटने के बाद कई जगहों पर चल भराव की सूचना मिली है। वहीं देहरादून के ही कई जगहों पर तेज बारिश हुई है। बताया जाता है कि देहरादून के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में दिखने लगा है। भारी बारिश के बाद कई नदियां ऊफान पर हैं। इससे बाढ़ की स्थिति भी बनी हुई है। कई जगहों पर सड़कें टूटने और घरों पानी घूसने की बात सामने आई है।  वहीं देहरादून में लगातार हुई भारी बारिश के बाद अब आम जनजीवन भी बाधित हुआ है। बताया जा रहा है कि इसको लेकर प्रशासन की ओर से पहले तैयारी नहीं की गई थी। जिसके कारण लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ...

Ganesh Chathuthi 2022- आज मनाई जा रही है गणेश चतुर्थी, जानें कैसे करें गणपति बप्पा को प्रसन्न? गणपति बप्पा मोर्या

गणेश चतुर्थी पर कैसे करें गणपति बप्पा को प्रसन्न हिंदू धर्म में हर महीना का अपना अलग महत्व रखता है। हर महीना किसी न किसी देवता को समर्पित होता है। जैसे  सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस महीने भोलेनाथ की भक्ति  की जाती है।  देवों के देव महादेव के पुत्र गणेश की पूजा का पर्व आता है। वैसे तो किसी भी  देवी देवता की पूजा करने से पहले विघ्नहर्ता गणपति जी का नाम लिया जाता है। इस बार गणेश चतुर्थी 31 अगस्त, बुधवार के दिन पड़ रही है। बुधवार के दिन होने की वजह से गणेश चतुर्थी का महत्व कई गुना ज्यादा बढ़ जाता है। बुधवार का दिन गणेश जी को समर्पित होता है और इसी दिन गणेश चतुर्थी होने से इस दिन व्रत का खास महत्व है। गणेश चतुर्थी के दिन घरों में गणपति की स्थापना की जाती है। और उन्हें 10 दिन तक घर में विराजमान किया जाता है। इस दिन से 10 दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत होती है। आइए जानते हैं भाद्रपद माह में पड़ने वाली गणेश चतुर्थी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में। 'शुभ मुहूर्त' और  ' तिथि' गणेश चतुर्थी की शुरुआत 31 अगस्त से हो रही है। 30 अगस्त, मंगलवार ...

Navratri 2022- शारदीय नवरात्रि में क्या है इस बार खास, जानें कब से शुरू हो रहीं है शारदीय नवरात्रि और घटस्थापना का शुभ मुहूर्त।

ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।   दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।   नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।   नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।। नवरात्र के दिन यानि माँ जगतजननी को प्रसन्न करने के दिन, शक्ति की आराधना करने का पर्व। नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि (shardiya navratri 2022 ) कहा जाता है। नवरात्रि के 9 दिन में शक्ति की अधिष्ठात्री देवी दुर्गा (Maa Durga) की पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल 2022 में शारदीय नवरात्रि 26 सितंबर से शुरू होगी और 05 अक्टूबर तक चलेगी। साल में चार नवरात्रि होती है जिसमें से 2 गुप्त और अन्य 2 प्रत्यक्ष नवरात्रि कहलाती है। शारदीय नवरात्रि आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नवमी तिथि तक चलती है। दसवें दिन नवरात्रि पूजन का कलश और प्रतिमा विसर्जन किया जाता है। घटस्थापना का शुभ मुहूर्त  शारदीय नवरात्रि आश्विन मास की प्रतिपदा तिथि से शुरू होकर नवमी तिथि तक चलती है। पंचांग के अनुसार, इस बार अश्विन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा तिथि का प्रांरभ 26 सितंबर 2022 को सुबह 3 बजकर 24 मिनट से होग...

घर में छिपकली का होना क्या देता है संकेत, जानें अगर घर दिखें छिपकली तो क्या करें।

छिपकली को देखकर अच्छे अच्छों की हवा खराब हो जाती है। अगर छिपकली किसी शख्स के ऊपर गिर जाए तो मानो उस इंसान की सांस थम सी गई हो। फिलहाल देखा जाए तो घर में छिपकली का आगमन एक आम बात है। खासतौर पर यदि गर्मी और बरसात की बात की जाए, तो इस मौसम में घर में बहुत ज्यादा छिपकलियां देखने को मिलती हैं। अक्सर हम छिपकली के आने पर उसे भगाते हैं क्योंकि भले ही ये हमें नुकसान न पहुंचाएं लेकिन फिर भी ये हमारे खाने -पीने की सामग्रियों को दूषित कर सकती हैं। हम सभी छिपकली को कई तरह से घर से बाहर करने की कोशिश करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि घर में छिपकली की मौजूदगी हमें भविष्य की किसी घटना का संकेत दे सकती है। क्या आप जानते हैं घर में इस जीव का दिखना शुभ माना जाता है या अशुभ? दरअसल, घर में छिपकली का दिखना धनलाभ के संकेत देता है। लेकिन अगर छिपकली घर के पूजा घर में दिखाई दे तो ही धनलाभ के संकेत देती है। छिपकली का दिखना सिर्फ धन लाभ के संकेत ही नहीं देता, बल्कि परिवार के सदस्यों के बीच सामंजस्य बनाए रखने का भी काम करता है। आइए जानते हैं छिपकली का कहां दिखना शुभ होता है और कहां अशुभ।  ...