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प्रेम मंदिर- आर्दश प्रेम का प्रतीक, जहां बाँके बिहारी के दर्शन कर मिलता है मन को सुकून। राधे कृष्ण, राधे कृष्ण

प्यार अगर हो तो राधा कृष्ण जैसा... जिसने एक शहर वृन्दावन को प्रेम नगरी बना दिया।।।

जब जब राधा कृष्ण की बात होती है तो उनका रिश्ता ,उनकी जोड़ी हमारे दिमाग में हमेशा एक सवाल पैदा करती है कि उनकी शादी रुक्मणी से हुई थी..लेकिन फिर राधे-कृष्ण को साथ साथ पूजा जाता है।।

भगवान कृष्ण  के मंदिर और घाट वृन्दावन में देखने को मिलते है। ऐसी मान्यता है की यह एक ऐसी भूमि है जहाँ आने से सभी पापों का नाश हो जाता है। मोक्ष की प्राप्ति होती है। वृन्दावन का प्राकृतिक सौंदर्य देखने योग्य है। यमुना जी ने इसको तीन तरफ से घेरा हुआ है। बसंत ॠतु के आगमन पर यहाँ की छटा और सावन-भादों की हरियाली आँखों को शीतलता प्रदान करती है।

वृन्दावन का कण-कण रसमय है। यहाँ प्रेम-भक्ति का ही वातावरण है। हज़ारों धर्म-परायणजन यहाँ अपने-अपने कामों से अवकाश प्राप्त कर अपने शेष जीवन को बिताने के लिए यहाँ अपने निवास स्थान बनाकर रहते हैं। वे नित्य प्रति रासलीलाओं, साधु-संगतों, हरिनाम संकीर्तन, भागवत आदि ग्रन्थों के होने वाले पाठों में सम्मिलित होकर धर्म-लाभ प्राप्त करते हैं। 
वृन्दावन मथुरा भगवान कृष्ण की लीला से जुड़ा हुआ है। ब्रज के केन्द्र में स्थित वृन्दावन में सैंकड़ो मन्दिर है। जिनमें से अनेक ऐतिहासिक धरोहर भी है। यहाँ सैंकड़ों आश्रम और कई गौ-शालाऐं है। हिन्दुओं के धार्मिक क्रिया-कलापों के लिए वृन्दावन विश्वभर में प्रसिद्ध है। देश से पर्यटक और तीर्थ यात्री यहाँ आते हैं। 

प्रेम मंदिर दिव्य प्रेम को साकार करता है। दिव्य प्रेम का संदेश देने वाले इस मंदिर के द्वार सभी दिशाओं में खुलते हैं। मुख्य प्रवेश द्वारों पर अष्ट मयूरों के नक़्क़ाशीदार तोरण बनाए गए हैं। पूरे मंदिर की बाहरी दीवारों पर श्रीराधा-कृष्ण की लीलाओं को शिल्पकारों ने मूर्त रूप दिया है। प्रेम मंदिर 125 फुट ऊंचा, 122 फुट लम्बा और 115 फुट चौड़ा है। भगवान कृष्णा के श्रद्धालुओ की इस मंदिर पर काफी श्रद्धा है। वे इस मंदिर को भगवान कृष्णा के सबसे पवित्र और प्रसिद्द मंदिरों में से एक मानते है।

प्रेम मंदिर रसिक संत जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज की तरफ से कान्हा की नगरी वृन्दावन को तोहफ़ा था। वृन्दावन को विकसित करने में कृपालु महाराज का बहुत बड़ा योगदान रहा है, उनका मुख्य आश्रम भी वृन्दावन में ही है। अपने श्री वृन्दावन धाम में वे हमेशा भगवान की भक्ति में लीन रहते है। अगर हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको कैसी लगी है हमें कमेन्ट करके जरूर बताए।

https://youtu.be/xCkefjiZr94

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